Our Environment
पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) — किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी जैव (Biotic) और अजैव (Abiotic) घटकों का समूह जो आपस में अंतर्क्रिया करते हैं।
खाद्य श्रृंखला — जीवों की वह श्रृंखला जिसमें भोजन (ऊर्जा) एक जीव से दूसरे जीव में क्रमिक रूप से स्थानांतरित होता है।
लिंडमैन (Lindeman, 1942) ने यह नियम दिया — किसी भी पोषी स्तर से अगले पोषी स्तर में केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है। शेष 90% ऊर्जा जीवन प्रक्रियाओं (श्वसन, पाचन, गति आदि) और ऊष्मा के रूप में व्यय होती है।
प्रकृति में एक जीव एक से अधिक खाद्य श्रृंखलाओं का हिस्सा होता है। इन आपस में जुड़ी खाद्य श्रृंखलाओं के जाल को खाद्य जाल (Food Web) कहते हैं।
जब हानिकारक रसायन (कीटनाशक जैसे DDT) खाद्य श्रृंखला में प्रत्येक पोषी स्तर पर बढ़ती सांद्रता (concentration) में संचित होते हैं, तो इसे जैव आवर्धन (Biological Magnification / Biomagnification) कहते हैं।
ओज़ोन (O₃) वायुमंडल के समतापमंडल (Stratosphere) में एक सुरक्षा परत बनाती है जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को पृथ्वी तक पहुँचने से रोकती है।
जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable):
अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable):
ओज़ोन परत का महत्व: समतापमंडल में ओज़ोन (O₃) परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है, जिससे पृथ्वी पर जीवन सुरक्षित रहता है।
क्षरण से हानि:
अपघटक (जीवाणु और कवक) मृत जीवों और उनके अवशेषों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में तोड़ते हैं।
महत्व:
अजैव घटक (Abiotic): सूर्य का प्रकाश, तापमान, वर्षा, जल, मिट्टी, वायु
जैव घटक (Biotic):
खाद्य श्रृंखला: जीवों की वह श्रृंखला जिसमें ऊर्जा एक जीव से दूसरे में क्रमिक रूप से स्थानांतरित होती है।
उदाहरण: घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज
3-4 पोषी स्तर क्यों?
जैव आवर्धन: हानिकारक अजैव निम्नीकरणीय रसायन (जैसे DDT) खाद्य श्रृंखला में प्रत्येक पोषी स्तर पर बढ़ती सांद्रता में संचित होते हैं।
प्रभाव:
ओज़ोन का निर्माण:
क्षरण का कारण:
ऊर्जा प्रवाह एकदिशीय होता है क्योंकि:
अपघटक (जीवाणु, कवक) मृत जीवों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में विघटित करते हैं।
CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन): कार्बन, क्लोरीन और फ्लोरीन वाले रासायनिक यौगिक। रेफ्रिजरेटर, AC, एरोसोल स्प्रे में उपयोग होता है।
ओज़ोन को नुकसान:
10% ऊर्जा नियम के अनुसार:
ऊर्जा का स्रोत: सूर्य → पौधे (उत्पादक) सूर्य की ऊर्जा का लगभग 1% प्रकाश संश्लेषण द्वारा ग्रहण करते हैं।
ऊर्जा प्रवाह:
10% ऊर्जा नियम (Lindeman, 1942):
ओज़ोन परत: वायुमंडल के समतापमंडल (15-50 km ऊँचाई) में O₃ अणुओं की परत जो हानिकारक UV किरणें अवशोषित करती है।
निर्माण:
क्षरण के कारण:
उपाय: