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Guest Session · Cyber Security

Special Session on Cyber Security by Shri Siddharth Deep (RJS)

साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र — माननीय श्री सिद्धार्थ दीप (RJS), सचिव, DLSA बालोतरा
📅 13 April 2026 🏛️ DLSA Balotra ⚖️ Additional District & Sessions Judge 📖 5 min read
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13 अप्रैल 2026 — राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जेठन्तरी में विधिक साक्षरता क्लब (Legal Literacy Club) के शुभारंभ के अवसर पर, ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), बालोतरा के सचिव एवं अपर ज़िला एवं सेशन न्यायाधीश माननीय श्री सिद्धार्थ दीप (RJS) ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध (Cyber Security & Cyber Crime) पर एक व्यापक और प्रेरक सत्र दिया।

माननीय श्री सिद्धार्थ दीप (RJS) द्वारा साइबर सुरक्षा पर सत्र
माननीय श्री सिद्धार्थ दीप (RJS), सचिव — DLSA बालोतरा, विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा पर सम्बोधित करते हुए।

सत्र की पृष्ठभूमि (Session Context)

यह सत्र राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) की Transformative Tuesdays — "Navigating Life Legally" मुहिम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जो राज्य भर के विद्यालयों में कक्षा 8–12 के विद्यार्थियों के लिए विधिक साक्षरता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए चलाई जा रही है।

सत्र का उद्देश्य (Purpose of the Session)

श्री दीप ने विद्यार्थियों को यह समझाया कि इंटरनेट जितना उपयोगी है, उतना ही असुरक्षित भी है। एक OTP, एक क्लिक, एक अजनबी की Friend Request — ये छोटी-छोटी असावधानियाँ किसी भी विद्यार्थी को साइबर अपराध (Cyber Crime) का पीड़ित बना सकती हैं। उनके अनुसार, कानून तभी सुरक्षा दे सकता है जब नागरिक उसे जानते हों।

"बालकों को कानूनी और साइबर जागरूकता की उतनी ही ज़रूरत है जितनी गणित और विज्ञान की।" — श्री सिद्धार्थ दीप (RJS), सचिव, DLSA बालोतरा

मुख्य विषय (Topics Covered)

1. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000)

श्री दीप ने IT Act की प्रमुख दंडात्मक धाराओं (Penal Sections) को सरल भाषा में समझाया —

  • धारा 66C (Section 66C): पहचान की चोरी (Identity Theft) — 3 वर्ष कारावास + ₹1 लाख जुर्माना।
  • धारा 66D (Section 66D): कंप्यूटर-संसाधन का उपयोग कर धोखाधड़ी (Cheating by Personation) — 3 वर्ष कारावास।
  • धारा 66E (Section 66E): निजता का उल्लंघन (Privacy Violation) — बिना सहमति निजी चित्र लेना/भेजना।
  • धारा 67 एवं 67B (Sections 67 & 67B): इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री, विशेषकर बालकों से सम्बंधित — 5–10 वर्ष कारावास तक।

2. सामान्य साइबर अपराध (Common Cyber Frauds)

उन्होंने आज के सबसे आम धोखाधड़ी के तरीक़ों को समझाया —

  • फ़िशिंग (Phishing) और विशिंग (Vishing): फ़र्ज़ी बैंक या सरकारी कॉल/संदेश जो OTP माँगते हैं।
  • OTP एवं UPI धोखाधड़ी: QR स्कैन से पैसे हमेशा बाहर जाते हैं, कभी अंदर नहीं।
  • Social Media Impersonation: फ़र्ज़ी प्रोफ़ाइल बनाकर पैसे माँगना।
  • Sextortion: अंतरंग चित्र/वीडियो भेजकर ज़बरदस्ती वसूली / ब्लैकमेल करना — यह गंभीर अपराध है।
  • ऑनलाइन ग्रूमिंग (Online Grooming): बालकों को धीरे-धीरे भरोसे में लेकर शोषण करना।

3. POCSO अधिनियम एवं ऑनलाइन बाल अपराध

POCSO अधिनियम, 2012 बालकों (18 वर्ष से कम) को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन हर प्रकार के यौन अपराधों (Sexual Offences) से सुरक्षा देता है। श्री दीप ने ज़ोर देकर कहा — "चुप्पी अपराधी को बचाती है, पीड़ित को नहीं। रिपोर्ट करना न्याय का पहला कदम है।"

रिपोर्ट करना तंत्र (How to Report)

आपातकालीन सहायता

  • 1930 — राष्ट्रीय साइबर-अपराध हेल्पलाइन। वित्तीय धोखाधड़ी होने पर 24 घंटे के भीतर कॉल करें।
  • cybercrime.gov.in — राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्ट करना पोर्टल (गुमनाम भी)।
  • 1098 — CHILDLINE (बालकों के लिए)।
  • 112 — आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS)।
  • DLSA बालोतरा — निःशुल्क विधिक सहायता (Free Legal Aid) के लिए।

विद्यार्थियों के साथ संवाद (Interactive Q&A)

सत्र के दूसरे भाग में विद्यार्थियों ने अपने वास्तविक अनुभव साझा किए और प्रश्न पूछे —

  1. "अगर कोई अजनबी Instagram पर अच्छी बातें करके तस्वीरें माँगे तो?" — श्री दीप ने कहा: तुरंत बातचीत रोकें, screenshot लें, माता-पिता/शिक्षक को बताएँ, और आवश्यक होने पर cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
  2. "UPI से गलती से पैसे चले गए तो?" — 24 घंटे में 1930 पर कॉल + संबंधित बैंक की शिकायत-पोर्टल पर complaint + FIR।
  3. "फ़र्ज़ी स्कॉलरशिप लिंक की पहचान कैसे करें?" — किसी भी सरकारी स्कॉलरशिप के लिए केवल scholarships.gov.in का उपयोग करें; अज्ञात लिंक में OTP/आधार कभी न डालें।
विद्यार्थियों के साथ साइबर सुरक्षा सत्र में संवाद
सत्र के प्रश्न-उत्तर खंड में विद्यार्थियों ने अपने ऑनलाइन अनुभव साझा किए।

मुख्य सीख (Key Takeaways)

पाँच सूत्र — हर विद्यार्थी के लिए

  1. Stop (रुकें): कोई भी लिंक/संदेश तुरंत न खोलें।
  2. Think (सोचें): क्या यह वास्तविक हो सकता है?
  3. Verify (सत्यापित करें): किसी भरोसेमंद वयस्क से पूछें।
  4. Report (रिपोर्ट करें): 1930 या cybercrime.gov.in।
  5. Share (साझा करें): जो सीखा — मित्रों एवं परिवार को बताएँ।

आभार (Acknowledgement)

विद्यालय परिवार की ओर से माननीय श्री सिद्धार्थ दीप (RJS) एवं DLSA बालोतरा का हार्दिक आभार, जिन्होंने अपने व्यस्त न्यायिक कार्यक्रम से समय निकालकर हमारे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

सम्बंधित संसाधन (Related Resources)

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