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अध्याय 6 · जीव विज्ञान

नियंत्रण एवं समन्वय

Control and Coordination

🔍 परिचय — नियंत्रण एवं समन्वय

जीवित जीवों को अपने शरीर की विभिन्न क्रियाओं को नियंत्रित (control) और समन्वित (coordinate) करना पड़ता है। जंतुओं में यह कार्य तंत्रिका तंत्र (Nervous System) और अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) द्वारा होता है, जबकि पौधों में पादप हार्मोन (Plant Hormones) और विभिन्न गतियाँ (movements) यह कार्य करती हैं।

1. जंतुओं में तंत्रिका तंत्र (Nervous System in Animals)

A) तंत्रिका कोशिका — न्यूरॉन (Neuron)

तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई न्यूरॉन (Neuron) है।

📌 न्यूरॉन की संरचना:

  • कोशिका काय (Cell Body / Cyton) — केंद्रक (nucleus) और कोशिका द्रव्य (cytoplasm) होता है
  • द्रुमिका / डेंड्राइट (Dendrite) — छोटे, शाखित प्रवर्ध — सूचना (संवेदना) ग्रहण करते हैं और कोशिका काय तक पहुँचाते हैं
  • तंत्रिकाक्ष / एक्सॉन (Axon) — एक लंबा प्रवर्ध — सूचना को कोशिका काय से दूर ले जाता है; इसके अंत में तंत्रिका सिरे (nerve endings) होते हैं
  • सिनैप्स (Synapse) — दो न्यूरॉन के बीच का सूक्ष्म अंतराल; यहाँ रासायनिक पदार्थ (neurotransmitters) द्वारा सूचना एक न्यूरॉन से दूसरे को जाती है

B) प्रतिवर्ती क्रिया और प्रतिवर्ती चाप (Reflex Action & Reflex Arc)

प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) — बाहरी उद्दीपन (stimulus) के प्रति तत्काल, अनैच्छिक प्रतिक्रिया। उदाहरण: गर्म वस्तु छूने पर हाथ तुरंत हटाना, आँख में कुछ जाने पर पलक झपकना।

प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) का मार्ग:

ग्राही (Receptor) → संवेदी तंत्रिका (Sensory Nerve) → मेरुरज्जु (Spinal Cord) → प्रेरक तंत्रिका (Motor Nerve) → प्रभावक (Effector — मांसपेशी/ग्रंथि)

प्रतिवर्ती क्रिया में सूचना मस्तिष्क तक नहीं जाती, बल्कि मेरुरज्जु (spinal cord) ही निर्णय लेता है — इसलिए यह बहुत तेज़ होती है।

C) मानव मस्तिष्क (Human Brain)

मस्तिष्क शरीर का सबसे जटिल अंग है जो खोपड़ी (cranium) में सुरक्षित रहता है और मस्तिष्कावरण (meninges) तथा प्रमस्तिष्क-मेरु द्रव (cerebrospinal fluid) से घिरा होता है।

📌 मस्तिष्क के प्रमुख भाग:

  • प्रमस्तिष्क / सेरीब्रम (Cerebrum) — सबसे बड़ा भाग; सोचना, स्मृति, तर्क, इच्छा, भावनाएँ, दृष्टि, श्रवण, वाक् आदि ऐच्छिक कार्यों का केंद्र
  • अनुमस्तिष्क / सेरीबेलम (Cerebellum)शारीरिक संतुलन, आसन (posture) और ऐच्छिक गतियों में समन्वय (जैसे चलना, साइकिल चलाना)
  • मेडुला ऑब्लांगेटा (Medulla Oblongata)अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण — श्वसन, हृदय गति, रक्तदाब, उल्टी, छींक, खाँसी, निगलना

D) मेरुरज्जु (Spinal Cord)

मेरुरज्जु मस्तिष्क से निकलकर रीढ़ की हड्डी (vertebral column) में चलती है। इसके कार्य:

2. पौधों में समन्वय (Coordination in Plants)

पौधों में तंत्रिका तंत्र नहीं होता। वे रासायनिक समन्वय (chemical coordination) — पादप हार्मोन और गतियों (movements) द्वारा बाहरी उद्दीपनों के प्रति अनुक्रिया करते हैं।

A) अनुवर्तन गतियाँ (Tropic Movements)

उद्दीपन की दिशा में या उसके विपरीत होने वाली दिशात्मक गतियाँ:

📌 अनुवर्तन गतियों के प्रकार:

  • प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) — प्रकाश की ओर गति — तना प्रकाश की ओर (+ve), जड़ विपरीत (-ve)
  • गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism) — गुरुत्वाकर्षण की ओर — जड़ गुरुत्व की ओर (+ve), तना विपरीत (-ve)
  • रसायनानुवर्तन (Chemotropism) — रासायनिक पदार्थ की ओर — परागनलिका (pollen tube) का बीजांड की ओर बढ़ना
  • जलानुवर्तन (Hydrotropism) — जल की ओर — जड़ों का नम मिट्टी की ओर बढ़ना
  • स्पर्शानुवर्तन (Thigmotropism) — स्पर्श के प्रति — तने का प्रतान (tendril) सहारे के चारों ओर लिपटना

B) अनुकुंचन गतियाँ (Nastic Movements)

ये गतियाँ उद्दीपन की दिशा पर निर्भर नहीं करतीं। उदाहरण: छुईमुई (Mimosa pudica / Touch-me-not) की पत्तियों का स्पर्श करने पर मुरझा जाना — यह कोशिकाओं में जल की मात्रा में परिवर्तन के कारण होता है।

C) पादप हार्मोन (Plant Hormones)

📌 प्रमुख पादप हार्मोन:

  • ऑक्सिन (Auxin) — कोशिका दीर्घन (cell elongation), प्रकाशानुवर्तन में सहायक; प्रकाश के विपरीत दिशा में अधिक सांद्रता — छायावाली ओर कोशिकाएँ अधिक बढ़ती हैं
  • जिबरेलिन (Gibberellin) — तने की लंबाई में वृद्धि, बीज अंकुरण, पुष्पन को प्रेरित करता है
  • साइटोकाइनिन (Cytokinin) — कोशिका विभाजन (cell division) को बढ़ावा देता है, जीर्णता (aging) को रोकता है
  • एब्सिसिक अम्ल (Abscisic Acid — ABA) — वृद्धि को रोकता है, पत्तियों का मुरझाना, सूखे में रंध्रों को बंद करता है — "तनाव हार्मोन (stress hormone)"
  • एथिलीन (Ethylene) — फलों को पकाता है

3. जंतुओं में हार्मोन (Hormones in Animals)

जंतुओं में अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (Endocrine Glands) हार्मोन (रासायनिक संदेशवाहक) स्रावित करती हैं जो रक्त द्वारा लक्ष्य अंगों तक पहुँचते हैं। हार्मोन बहुत कम मात्रा में प्रभावी होते हैं।

📌 प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियाँ और उनके हार्मोन:

  • पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) — "मास्टर ग्रंथि", वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone) — शरीर की वृद्धि नियंत्रित; अन्य ग्रंथियों को भी नियंत्रित करती है
  • थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid Gland)थायरॉक्सिन (Thyroxine) — उपापचय (metabolism) दर नियंत्रित; इसके निर्माण में आयोडीन आवश्यक; कमी से गॉयटर (Goitre / घेंघा) रोग
  • अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland)एड्रीनेलिन (Adrenaline) — "आपातकालीन हार्मोन (Emergency Hormone)"; भय या क्रोध में हृदय गति बढ़ाता है, रक्तचाप बढ़ाता है, श्वसन दर बढ़ाता है
  • अग्न्याशय (Pancreas)इंसुलिन (Insulin) — रक्त में शर्करा (glucose) का स्तर कम करता है; कमी से मधुमेह (Diabetes) रोग। ग्लूकेगॉन (Glucagon) — रक्त शर्करा बढ़ाता है
  • वृषण (Testes — पुरुष)टेस्टोस्टेरॉन (Testosterone) — पुरुष लैंगिक लक्षण (दाढ़ी, भारी आवाज़, मांसपेशी विकास)
  • अंडाशय (Ovaries — स्त्री)एस्ट्रोजन (Estrogen) — स्त्री लैंगिक लक्षण (स्तन विकास, मासिक चक्र नियमन)

पुनर्निवेश / फीडबैक तंत्र (Feedback Mechanism):

हार्मोन का स्रावण फीडबैक तंत्र द्वारा नियंत्रित होता है। उदाहरण: जब रक्त में शर्करा बढ़ती है तो इंसुलिन स्रावित होता है जो शर्करा कम करता है। जब शर्करा सामान्य हो जाती है तो इंसुलिन का स्रावण रुक जाता है। इस प्रकार हार्मोन का स्तर संतुलित रहता है।

मधुमेह (Diabetes):

जब अग्न्याशय (pancreas) पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता तो रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है — इसे मधुमेह (Diabetes Mellitus) कहते हैं। इसके उपचार में इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जाते हैं।

⚡ मुख्य बिंदु — Quick Revision

📌 न्यूरॉन (Neuron) की संरचना

  • डेंड्राइट: सूचना ग्रहण → कोशिका काय तक पहुँचाना
  • कोशिका काय (Cyton): केंद्रक + कोशिका द्रव्य — सूचना प्रसंस्करण
  • एक्सॉन: लंबा प्रवर्ध — विद्युत आवेग को दूर ले जाना
  • सिनैप्स: दो न्यूरॉन के बीच अंतराल — रासायनिक संचरण (neurotransmitters)
  • सूचना प्रवाह: डेंड्राइट → कोशिका काय → एक्सॉन → सिनैप्स → अगला न्यूरॉन

📌 मस्तिष्क के भाग और कार्य

  • सेरीब्रम (Cerebrum): सबसे बड़ा — सोचना, स्मृति, भावनाएँ, ऐच्छिक क्रियाएँ, ज्ञानेंद्रियाँ
  • सेरीबेलम (Cerebellum): शारीरिक संतुलन, आसन, ऐच्छिक गतियों में समन्वय
  • मेडुला (Medulla Oblongata): अनैच्छिक — श्वसन, हृदय गति, उल्टी, निगलना
  • मेरुरज्जु (Spinal Cord): प्रतिवर्ती क्रियाएँ, मस्तिष्क-शरीर के बीच संचार

📌 पादप हार्मोन — सारणी

  • ऑक्सिन: कोशिका दीर्घन, प्रकाशानुवर्तन
  • जिबरेलिन: तने की वृद्धि, बीज अंकुरण, पुष्पन
  • साइटोकाइनिन: कोशिका विभाजन, जीर्णता रोकना
  • एब्सिसिक अम्ल: वृद्धि अवरोधक, तनाव हार्मोन, रंध्र बंद
  • एथिलीन: फलों को पकाना

📌 जंतु हार्मोन — सारणी

  • वृद्धि हार्मोन (पीयूष): शरीर की वृद्धि; कमी = बौनापन, अधिकता = भीमकायता
  • थायरॉक्सिन (थायरॉइड): उपापचय; कमी = घेंघा (आयोडीन)
  • एड्रीनेलिन (अधिवृक्क): आपातकालीन, हृदय गति और BP बढ़ाता है
  • इंसुलिन (अग्न्याशय): रक्त शर्करा कम; कमी = मधुमेह
  • टेस्टोस्टेरॉन (वृषण): पुरुष लैंगिक लक्षण
  • एस्ट्रोजन (अंडाशय): स्त्री लैंगिक लक्षण

📌 अनुवर्तन गतियाँ — तुलना

  • प्रकाशानुवर्तन: उद्दीपन — प्रकाश; तना +ve, जड़ -ve
  • गुरुत्वानुवर्तन: उद्दीपन — गुरुत्व; जड़ +ve, तना -ve
  • रसायनानुवर्तन: उद्दीपन — रसायन; परागनलिका बीजांड की ओर
  • जलानुवर्तन: उद्दीपन — जल; जड़ नम मिट्टी की ओर
  • स्पर्शानुवर्तन: उद्दीपन — स्पर्श; प्रतान सहारे के चारों ओर

📌 तंत्रिका तंत्र vs हार्मोन तंत्र

  • तंत्रिका तंत्र: विद्युत आवेग, बहुत तेज़, अल्पकालिक प्रभाव, विशिष्ट अंग को
  • हार्मोन तंत्र: रासायनिक संदेश (रक्त द्वारा), धीमा, दीर्घकालिक प्रभाव, कई अंगों पर

📖 पाठ्यपुस्तक प्रश्न-उत्तर — NCERT Solutions

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न (In-Text Questions)

प्रश्न 1: प्रतिवर्ती क्रिया और टहलने के बीच क्या अंतर है?

प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action):

  • यह अनैच्छिक (involuntary) क्रिया है — मस्तिष्क का नियंत्रण नहीं
  • मेरुरज्जु (spinal cord) द्वारा नियंत्रित
  • बहुत तेज़ और स्वचालित
  • उदाहरण: गर्म वस्तु से हाथ हटाना

टहलना (Walking):

  • यह ऐच्छिक (voluntary) क्रिया है
  • मस्तिष्क (सेरीब्रम) द्वारा नियंत्रित और सेरीबेलम द्वारा समन्वित
  • सोच-समझकर की जाती है
प्रश्न 2: दो तंत्रिका कोशिकाओं (न्यूरॉन) के बीच सिनैप्स पर क्या होता है?

सिनैप्स (Synapse) दो न्यूरॉन के बीच एक सूक्ष्म अंतराल (gap) है। यहाँ सूचना का संचरण इस प्रकार होता है:

  • पहले न्यूरॉन के एक्सॉन के अंतिम सिरे पर विद्युत आवेग पहुँचता है
  • यह आवेग रासायनिक पदार्थों (neurotransmitters) के मुक्त होने को प्रेरित करता है
  • ये रासायनिक पदार्थ सिनैप्टिक दरार (synaptic cleft) को पार करके अगले न्यूरॉन के डेंड्राइट पर पहुँचते हैं
  • अगले न्यूरॉन में पुनः विद्युत आवेग उत्पन्न होता है

इस प्रकार सूचना विद्युत → रासायनिक → विद्युत रूप में आगे बढ़ती है।

प्रश्न 3: मस्तिष्क का कौन-सा भाग शरीर की स्थिति (posture) और संतुलन का अनुरक्षण करता है?

अनुमस्तिष्क (Cerebellum / सेरीबेलम) शरीर की स्थिति (posture) और संतुलन (balance) का अनुरक्षण करता है। यह ऐच्छिक गतियों में समन्वय भी करता है, जैसे — चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, लिखना, कोई वस्तु उठाना आदि।

प्रश्न 4: पौधों में प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) कैसे होता है?

पौधे का तना प्रकाश की ओर मुड़ता है — यह धनात्मक प्रकाशानुवर्तन (+ve phototropism) है:

  • जब प्रकाश एक ओर से आता है तो ऑक्सिन (Auxin) हार्मोन प्रकाश से दूर वाली ओर (छायावाली ओर) अधिक सांद्रता में एकत्र होता है
  • ऑक्सिन कोशिका दीर्घन (cell elongation) को बढ़ावा देता है
  • छायावाली ओर कोशिकाएँ अधिक लंबी हो जाती हैं
  • इस असमान वृद्धि के कारण तना प्रकाश की ओर मुड़ जाता है

जड़ प्रकाश से दूर बढ़ती है (ऋणात्मक प्रकाशानुवर्तन)।

प्रश्न 5: छुईमुई (Mimosa) पादप की पत्तियों की गति, प्रकाश की ओर प्ररोह की गति से किस प्रकार भिन्न है?

छुईमुई की गति (अनुकुंचन / Nastic):

  • उद्दीपन (स्पर्श) की दिशा पर निर्भर नहीं
  • कोशिकाओं में जल की मात्रा में परिवर्तन के कारण
  • तुरंत होती है — वृद्धि से संबंधित नहीं

प्रकाश की ओर प्ररोह की गति (अनुवर्तन / Tropic):

  • उद्दीपन (प्रकाश) की दिशा पर निर्भर
  • ऑक्सिन हार्मोन द्वारा असमान कोशिका वृद्धि के कारण
  • धीमी होती है — वृद्धि से संबंधित
प्रश्न 6: जंतुओं में रासायनिक समन्वय कैसे होता है?

जंतुओं में रासायनिक समन्वय हार्मोन (hormones) द्वारा होता है:

  • अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (Endocrine Glands) हार्मोन स्रावित करती हैं
  • हार्मोन रक्त द्वारा लक्ष्य अंगों (target organs) तक पहुँचते हैं
  • ये बहुत कम मात्रा में प्रभावी होते हैं
  • उदाहरण: एड्रीनेलिन — भय या क्रोध में हृदय गति बढ़ाता है; इंसुलिन — रक्त शर्करा नियंत्रित करता है
  • फीडबैक तंत्र द्वारा हार्मोन का स्तर नियंत्रित रहता है
प्रश्न 7: आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती है?

थायरॉइड ग्रंथि को थायरॉक्सिन (Thyroxine) हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन (Iodine) आवश्यक है। थायरॉक्सिन कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन के उपापचय (metabolism) को नियंत्रित करता है।

आयोडीन की कमी से थायरॉइड ग्रंथि फूल जाती है — इसे गॉयटर (Goitre / घेंघा) रोग कहते हैं। इसलिए आयोडीन युक्त नमक (iodised salt) खाने की सलाह दी जाती है।

अभ्यास प्रश्न (Exercise Questions)

प्रश्न 8: तंत्रिका तंत्र और हार्मोन तंत्र (अंतःस्रावी तंत्र) की क्रियाविधि की तुलना कीजिए।

तंत्रिका तंत्र (Nervous System):

  • सूचना विद्युत आवेगों (electrical impulses) द्वारा
  • संचरण तंत्रिका तंतुओं (nerve fibres) द्वारा
  • प्रभाव बहुत तेज़ (मिलीसेकंड में)
  • प्रभाव अल्पकालिक — उद्दीपन हटते ही समाप्त
  • विशिष्ट अंग (effector) पर प्रभाव

हार्मोन तंत्र (Endocrine System):

  • सूचना रासायनिक पदार्थों (हार्मोन) द्वारा
  • संचरण रक्त द्वारा
  • प्रभाव धीमा (मिनट से घंटों में)
  • प्रभाव दीर्घकालिक
  • एक से अधिक अंगों पर प्रभाव हो सकता है
प्रश्न 9: हमारे शरीर में ग्राही (Receptors) का क्या कार्य है? ऐसी स्थिति पर विचार कीजिए जहाँ ग्राही उचित प्रकार से काम नहीं कर रहे हों। क्या समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?

ग्राही (Receptors) विशिष्ट कोशिकाएँ हैं जो बाहरी वातावरण से सूचना (उद्दीपन) ग्रहण करती हैं और उसे तंत्रिका आवेगों में बदलकर तंत्रिका तंत्र को भेजती हैं। ये हमारी ज्ञानेंद्रियों (sense organs) में स्थित होते हैं — आँखों में प्रकाश, कान में ध्वनि, नाक में गंध, जीभ में स्वाद, त्वचा में स्पर्श/ताप/दर्द।

यदि ग्राही ठीक से काम न करें:

  • बाहरी उद्दीपनों का पता नहीं चलेगा
  • उदाहरण: आँखों के ग्राही खराब → अंधापन, कान के ग्राही → बहरापन
  • खतरे का पता नहीं चलेगा (जैसे गर्म वस्तु, तेज़ आवाज़)
  • प्रतिवर्ती क्रियाएँ प्रभावित होंगी
प्रश्न 10: एक जीव में नियंत्रण एवं समन्वय के तंत्र की आवश्यकता क्यों होती है?

जीवों में नियंत्रण एवं समन्वय की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि:

  • बहुकोशिकीय जीवों में विभिन्न अंग विभिन्न कार्य करते हैं — इन सबमें तालमेल आवश्यक है
  • जीव को बाहरी वातावरण (प्रकाश, ताप, ध्वनि, खतरे) के प्रति उचित अनुक्रिया देनी होती है
  • शरीर के आंतरिक वातावरण (तापमान, शर्करा स्तर, जल संतुलन) को स्थिर रखना होता है
  • ऐच्छिक (चलना, बोलना) और अनैच्छिक (श्वसन, हृदय गति) दोनों क्रियाओं के लिए
  • तत्काल प्रतिक्रिया (प्रतिवर्ती क्रिया) और दीर्घकालिक नियंत्रण (वृद्धि, विकास) दोनों के लिए

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बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. मस्तिष्क का कौन-सा भाग शारीरिक संतुलन को नियंत्रित करता है?
  • A) सेरीब्रम (Cerebrum)
  • B) सेरीबेलम (Cerebellum)
  • C) मेडुला (Medulla)
  • D) मेरुरज्जु (Spinal Cord)
✅ सही उत्तर: B) सेरीबेलम (Cerebellum) — अनुमस्तिष्क शरीर का संतुलन, आसन और ऐच्छिक गतियों में समन्वय करता है।
2. इंसुलिन हार्मोन किस ग्रंथि से स्रावित होता है?
  • A) पीयूष ग्रंथि
  • B) थायरॉइड ग्रंथि
  • C) अधिवृक्क ग्रंथि
  • D) अग्न्याशय (Pancreas)
✅ सही उत्तर: D) अग्न्याशय (Pancreas) — अग्न्याशय इंसुलिन स्रावित करता है जो रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रित करता है। इसकी कमी से मधुमेह (Diabetes) होता है।
3. प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) का नियंत्रण कहाँ होता है?
  • A) सेरीब्रम में
  • B) सेरीबेलम में
  • C) मेरुरज्जु (Spinal Cord) में
  • D) मेडुला में
✅ सही उत्तर: C) मेरुरज्जु (Spinal Cord) में — प्रतिवर्ती क्रियाएँ मेरुरज्जु द्वारा नियंत्रित होती हैं इसलिए ये बहुत तेज़ होती हैं — मस्तिष्क तक सूचना भेजने की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती।
4. कौन-सा पादप हार्मोन फलों को पकाने में सहायक है?
  • A) एथिलीन (Ethylene)
  • B) ऑक्सिन (Auxin)
  • C) जिबरेलिन (Gibberellin)
  • D) साइटोकाइनिन (Cytokinin)
✅ सही उत्तर: A) एथिलीन (Ethylene) — एथिलीन एक गैसीय पादप हार्मोन है जो फलों को पकाने में सहायक है।
5. आयोडीन की कमी से कौन-सा रोग होता है?
  • A) मधुमेह (Diabetes)
  • B) घेंघा / गॉयटर (Goitre)
  • C) बौनापन (Dwarfism)
  • D) एडिसन रोग
✅ सही उत्तर: B) घेंघा / गॉयटर (Goitre) — थायरॉइड ग्रंथि को थायरॉक्सिन बनाने के लिए आयोडीन आवश्यक है। इसकी कमी से ग्रंथि फूल जाती है जिसे घेंघा (Goitre) कहते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer)

1. प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) क्या है? इसके घटकों के नाम लिखिए।

प्रतिवर्ती चाप वह मार्ग है जिससे प्रतिवर्ती क्रिया के दौरान तंत्रिका आवेग गुजरता है। इसके घटक क्रम से:

  • ग्राही (Receptor) — उद्दीपन ग्रहण करता है (जैसे त्वचा में ताप ग्राही)
  • संवेदी / अभिवाही तंत्रिका (Sensory / Afferent Nerve) — सूचना ग्राही से मेरुरज्जु तक ले जाती है
  • मेरुरज्जु (Spinal Cord) — सूचना का प्रसंस्करण और निर्णय
  • प्रेरक / अपवाही तंत्रिका (Motor / Efferent Nerve) — आदेश को प्रभावक तक ले जाती है
  • प्रभावक (Effector) — मांसपेशी या ग्रंथि जो क्रिया करती है
2. पादप हार्मोन क्या हैं? किन्हीं तीन पादप हार्मोनों के नाम और कार्य लिखिए।

पादप हार्मोन (Phytohormones) वे रासायनिक पदार्थ हैं जो पौधों की वृद्धि, विकास और विभिन्न क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

  • ऑक्सिन (Auxin): कोशिका दीर्घन को बढ़ावा देता है, प्रकाशानुवर्तन में सहायक — प्रकाश से दूर एकत्र होकर छायावाली ओर अधिक वृद्धि करवाता है
  • जिबरेलिन (Gibberellin): तने की लंबाई बढ़ाता है, बीज अंकुरण और पुष्पन (flowering) को प्रेरित करता है
  • साइटोकाइनिन (Cytokinin): कोशिका विभाजन को बढ़ावा देता है, पत्तियों और फलों की जीर्णता (senescence) को रोकता है
3. एड्रीनेलिन (Adrenaline) हार्मोन को आपातकालीन हार्मोन क्यों कहते हैं?

एड्रीनेलिन (Adrenaline) अधिवृक्क (Adrenal) ग्रंथि से स्रावित होता है। इसे "आपातकालीन हार्मोन" (Emergency Hormone) या "लड़ो या भागो हार्मोन" (Fight or Flight Hormone) कहते हैं क्योंकि:

  • यह भय, क्रोध या तनाव की स्थिति में स्रावित होता है
  • हृदय गति बढ़ाता है → अधिक रक्त पंप होता है
  • श्वसन दर बढ़ाता है → अधिक O₂ मिलती है
  • रक्तचाप बढ़ाता है
  • पाचन अंगों और त्वचा से रक्त कंकाल मांसपेशियों की ओर भेजता है
  • शरीर को खतरे से लड़ने या भागने के लिए तैयार करता है

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer)

1. मानव मस्तिष्क के प्रमुख भागों का वर्णन कीजिए और प्रत्येक के कार्य लिखिए।

मानव मस्तिष्क खोपड़ी (cranium) में सुरक्षित होता है। इसे तीन प्रमुख भागों में बाँटा जा सकता है:

1. अग्र मस्तिष्क (Fore Brain) — प्रमस्तिष्क / सेरीब्रम (Cerebrum):

  • मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग (2/3 हिस्सा)
  • सोचने, तर्क करने, स्मृति, बुद्धि का केंद्र
  • सभी ऐच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है
  • ज्ञानेंद्रियों से सूचना ग्रहण — दृष्टि, श्रवण, गंध, स्वाद, स्पर्श
  • विभिन्न क्षेत्र (lobes) — दृष्टि क्षेत्र, श्रवण क्षेत्र, वाक् क्षेत्र, संवेदी क्षेत्र

2. मध्य मस्तिष्क (Mid Brain):

  • अग्र और पश्च मस्तिष्क को जोड़ता है
  • दृष्टि और श्रवण से संबंधित प्रतिवर्ती क्रियाएँ

3. पश्च मस्तिष्क (Hind Brain):

  • अनुमस्तिष्क (Cerebellum): शारीरिक संतुलन, आसन (posture), ऐच्छिक गतियों में समन्वय
  • पॉन्स (Pons): श्वसन का नियमन
  • मेडुला ऑब्लांगेटा (Medulla Oblongata): अनैच्छिक क्रियाएँ — श्वसन दर, हृदय गति, रक्तचाप, उल्टी, छींक, खाँसी, निगलना

मस्तिष्क मस्तिष्कावरण (meninges) द्वारा सुरक्षित रहता है और प्रमस्तिष्क-मेरु द्रव (CSF) आघातों से बचाता है।

2. जंतुओं में रासायनिक समन्वय (हार्मोन तंत्र) का विस्तृत वर्णन कीजिए। प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों और उनके हार्मोनों के कार्य लिखिए।

जंतुओं में अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) हार्मोन द्वारा रासायनिक समन्वय करता है। हार्मोन रक्त द्वारा लक्ष्य अंगों तक पहुँचते हैं।

1. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) — "मास्टर ग्रंथि": मस्तिष्क के आधार पर स्थित। वृद्धि हार्मोन (GH) स्रावित करती है — शरीर की वृद्धि नियंत्रित करता है। कमी से बौनापन (dwarfism), अधिकता से भीमकायता (gigantism)। अन्य ग्रंथियों के स्रावण को भी नियंत्रित करती है।

2. थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid Gland): गले में श्वासनली के पास। थायरॉक्सिन — उपापचय दर नियंत्रित, कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन का चयापचय। निर्माण में आयोडीन आवश्यक। कमी से घेंघा (Goitre)

3. अग्न्याशय (Pancreas): इंसुलिन — रक्त शर्करा कम करता है (ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में बदलता है)। कमी से मधुमेह (Diabetes)ग्लूकेगॉन — रक्त शर्करा बढ़ाता है।

4. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland): वृक्कों के ऊपर। एड्रीनेलिन — भय/तनाव में हृदय गति, श्वसन दर, BP बढ़ाता है।

5. वृषण (Testes): टेस्टोस्टेरॉन — पुरुष लैंगिक लक्षण (दाढ़ी, भारी आवाज़, मांसपेशी विकास)।

6. अंडाशय (Ovaries): एस्ट्रोजन — स्त्री लैंगिक लक्षण (स्तन विकास, मासिक चक्र)।

फीडबैक तंत्र — हार्मोन का स्तर बढ़ने पर ग्रंथि का स्रावण कम हो जाता है और कम होने पर बढ़ जाता है — इससे शरीर में संतुलन बना रहता है।

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