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अध्याय 8 · जीव विज्ञान

आनुवंशिकता

Heredity

1. आनुवंशिकता — Heredity

आनुवंशिकता (Heredity) — जनक (Parents) से संतान (Offspring) में लक्षणों का स्थानांतरण (Transmission of traits)। इसका अध्ययन करने वाले विज्ञान को आनुवंशिकी (Genetics) कहते हैं।

मूल शब्दावली:

  • जीन (Gene): DNA का वह खंड जो किसी विशेष लक्षण (trait) के लिए सूचना रखता है
  • विभिन्नता (Variation): एक ही प्रजाति के जीवों में पाए जाने वाले अंतर
  • लक्षण (Trait/Character): किसी जीव का बाहरी गुण — जैसे लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज

2. मेंडल के प्रयोग — Mendel's Experiments

ग्रेगर जोहान मेंडल (1822-1884) — "आनुवंशिकी के जनक" (Father of Genetics)। उन्होंने मटर (Pisum sativum) के पौधों पर प्रयोग किए।

मेंडल ने मटर को क्यों चुना?

  • जीवनकाल कम — शीघ्र कई पीढ़ियाँ प्राप्त
  • स्पष्ट विपरीत लक्षण — लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज
  • स्व-परागण (self-pollination) स्वाभाविक रूप से होता है
  • पर-परागण (cross-pollination) कृत्रिम रूप से आसानी से किया जा सकता है
  • मटर के 7 विपरीत लक्षणों (contrasting traits) का अध्ययन किया

2.1 एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross)

जब एक जोड़ी विपरीत लक्षणों वाले जनकों का संकरण किया जाता है।

उदाहरण — लंबा (TT) × बौना (tt):

  • F₁ पीढ़ी: सभी पौधे लंबे (Tt) — प्रभावी लक्षण (Dominant trait) व्यक्त
  • F₂ पीढ़ी (F₁ × F₁): लंबे : बौने = 3 : 1 अनुपात
  • F₂ जीनोटाइप अनुपात: TT : Tt : tt = 1 : 2 : 1
  • लंबापन (T) = प्रभावी (Dominant), बौनापन (t) = अप्रभावी (Recessive)

2.2 द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross)

जब दो जोड़ी विपरीत लक्षणों वाले जनकों का संकरण किया जाता है।

उदाहरण — गोल पीले (RRYY) × झुर्रीदार हरे (rryy):

  • F₁ पीढ़ी: सभी गोल पीले (RrYy)
  • F₂ पीढ़ी: 4 प्रकार → गोल पीले : गोल हरे : झुर्रीदार पीले : झुर्रीदार हरे = 9 : 3 : 3 : 1
  • यह दर्शाता है कि लक्षण स्वतंत्र रूप से (independently) वंशानुगत होते हैं

3. मेंडल के नियम — Mendel's Laws

मेंडल के आनुवंशिकता के नियम:

  • प्रभाविता का नियम (Law of Dominance): विपरीत लक्षणों वाले जनकों की F₁ संतान में केवल प्रभावी लक्षण व्यक्त होता है
  • पृथक्करण का नियम (Law of Segregation): युग्मविकल्पी (Alleles) युग्मक बनते समय अलग-अलग हो जाते हैं — प्रत्येक युग्मक में एक ही एलील जाता है
  • स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment): दो विभिन्न लक्षणों के जीन युग्मक बनते समय एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से पृथक होते हैं

4. लिंग निर्धारण — Sex Determination

मनुष्य में 23 जोड़ी (46) गुणसूत्र होते हैं — 22 जोड़ी ऑटोसोम (Autosomes) + 1 जोड़ी लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes)।

मनुष्य में लिंग निर्धारण:

  • स्त्री (Female): XX (दोनों X गुणसूत्र)
  • पुरुष (Male): XY (एक X और एक Y गुणसूत्र)
  • माता हमेशा X गुणसूत्र देती है
  • पिता X या Y दे सकता है
  • यदि पिता से X मिला → XX → लड़की
  • यदि पिता से Y मिला → XY → लड़का
  • अतः संतान का लिंग पिता के गुणसूत्र पर निर्भर करता है

5. जैव विकास — Evolution

जैव विकास (Evolution) — लंबे समय में जीवों में होने वाले क्रमिक परिवर्तन जिनसे नई प्रजातियाँ बनती हैं।

5.1 उपार्जित और जन्मजात लक्षण

  • उपार्जित लक्षण (Acquired Traits): जीवनकाल में प्राप्त, DNA में परिवर्तन नहीं → वंशानुगत नहीं होते। जैसे: शरीर सौष्ठव (body building), बोली सीखना
  • जन्मजात लक्षण (Inherited Traits): DNA में कूटबद्ध, जीन द्वारा → वंशानुगत होते हैं। जैसे: आँखों का रंग, रक्त समूह

5.2 जैव विकास के प्रमाण

विकास के प्रमाण:

  • समजात अंग (Homologous Organs): उत्पत्ति समान लेकिन कार्य भिन्न — जैसे: मनुष्य का हाथ, व्हेल का पंख, चमगादड़ का पंख। → समान पूर्वज (common ancestor)
  • समवृत्ति अंग (Analogous Organs): उत्पत्ति भिन्न लेकिन कार्य समान — जैसे: चमगादड़ का पंख और पक्षी का पंख। → अभिसारी विकास (convergent evolution)
  • जीवाश्म (Fossils): प्राचीन जीवों के अवशेष जो विकास का क्रम दर्शाते हैं

5.3 प्राकृतिक वरण — Natural Selection

चार्ल्स डार्विन ने प्राकृतिक वरण का सिद्धांत दिया। जो जीव अपने पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, वे जीवित रहते हैं और प्रजनन करते हैं — "Survival of the fittest"।

5.4 विकासात्मक संबंध

  • सभी जीवों की DNA संरचना समान → सभी जीव एक समान पूर्वज से विकसित
  • विकास = सरल से जटिल की ओर (लेकिन हमेशा नहीं)
  • विकास ≠ प्रगति (progress), विकास = अनुकूलन (adaptation)
  • मानव विकास: Africa में उत्पन्न → विश्व भर में फैले। सभी मानव प्रजातियाँ एक ही प्रजाति (Homo sapiens)

⚡ मुख्य बिंदु — Key Points

📌 मेंडल के प्रयोग — सारांश

  • एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross): F₂ फीनोटाइप अनुपात = 3:1, जीनोटाइप = 1:2:1
  • द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross): F₂ फीनोटाइप अनुपात = 9:3:3:1
  • प्रभावी लक्षण (Dominant): F₁ में व्यक्त होने वाला → बड़े अक्षर (T, R, Y)
  • अप्रभावी लक्षण (Recessive): F₂ में पुनः प्रकट → छोटे अक्षर (t, r, y)

📌 महत्वपूर्ण शब्दावली

  • जीन (Gene): DNA का कार्यात्मक खंड — लक्षण नियंत्रित करता है
  • एलील/युग्मविकल्पी (Allele): एक ही जीन के दो रूप (जैसे T और t)
  • जीनोटाइप (Genotype): जीन की आंतरिक संरचना (TT, Tt, tt)
  • फीनोटाइप (Phenotype): बाहरी रूप से दिखने वाला लक्षण (लंबा/बौना)
  • समयुग्मजी (Homozygous): दोनों एलील समान (TT या tt)
  • विषमयुग्मजी (Heterozygous): दोनों एलील भिन्न (Tt)

📌 लिंग निर्धारण — Quick Reference

  • मनुष्य: 46 गुणसूत्र (23 जोड़ी) = 22 ऑटोसोम + 1 लिंग गुणसूत्र
  • स्त्री: 44 + XX | पुरुष: 44 + XY
  • माता → हमेशा X | पिता → X या Y
  • पिता का गुणसूत्र संतान का लिंग निर्धारित करता है
  • X + X = XX (लड़की) | X + Y = XY (लड़का) | प्रायिकता = 50% : 50%

📌 जैव विकास — प्रमुख बिंदु

  • समजात अंग: समान उत्पत्ति, भिन्न कार्य → समान पूर्वज (अपसारी विकास)
  • समवृत्ति अंग: भिन्न उत्पत्ति, समान कार्य → अभिसारी विकास
  • उपार्जित लक्षण वंशानुगत नहीं (DNA में बदलाव नहीं)
  • जन्मजात लक्षण वंशानुगत (DNA/जीन में कूटबद्ध)
  • जीवाश्म = विकास का ऐतिहासिक प्रमाण
  • डार्विन — प्राकृतिक वरण (Natural Selection) — "Survival of the fittest"

📖 NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न-उत्तर — Solutions

पाठगत प्रश्न (In-Text Questions)

प्रश्न 1: यदि एक लक्षण — A अलैंगिक जनन वाली समष्टि के 10% सदस्यों में पाया जाता है और लक्षण — B उसी समष्टि में 60% जीवों में पाया जाता है, तो कौन-सा लक्षण पहले उत्पन्न हुआ होगा?

लक्षण B पहले उत्पन्न हुआ होगा। अलैंगिक जनन में DNA की प्रतिलिपि बनती है, इसलिए जो लक्षण पहले उत्पन्न हुआ वह अधिक पीढ़ियों में फैलकर अधिक प्रतिशत में पाया जाएगा।

लक्षण B = 60% (अधिक समय से मौजूद) > लक्षण A = 10% (बाद में उत्पन्न)

प्रश्न 2: विभिन्नता (Variation) के विभिन्न स्रोत क्या हैं? विभिन्नता का क्या जैविक महत्व है?

विभिन्नता के स्रोत:

  • DNA प्रतिलिपि बनाने में त्रुटि (Error in DNA replication) → उत्परिवर्तन (Mutation)
  • लैंगिक जनन — अर्धसूत्री विभाजन + निषेचन → नए जीन संयोजन
  • जीनों का स्वतंत्र अपव्यूहन (Independent assortment)

जैविक महत्व: विभिन्नता से कुछ जीव बदलते पर्यावरण में जीवित रह सकते हैं → प्रजाति के अस्तित्व (survival) में सहायक।

प्रश्न 3: मेंडल ने अपने प्रयोगों के लिए मटर का पौधा क्यों चुना?
  • जीवनकाल कम — कई पीढ़ियाँ शीघ्र प्राप्त
  • स्पष्ट विपरीत लक्षण (7 जोड़ी) — लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार आदि
  • स्व-परागण स्वाभाविक रूप से → शुद्ध वंशक्रम (pure lines) आसानी से
  • पर-परागण कृत्रिम रूप से आसान → संकरण (cross) संभव
  • बड़ी संख्या में बीज → सांख्यिकीय विश्लेषण संभव
प्रश्न 4: "संतान का लिंग पिता पर निर्भर करता है, माता पर नहीं।" समझाइए।

मनुष्य में लिंग गुणसूत्र — स्त्री: XX, पुरुष: XY

माता हमेशा X गुणसूत्र देती है (क्योंकि उसके पास XX है)।

पिता X या Y दे सकता है (क्योंकि उसके पास XY है)।

  • पिता से X मिला → XX → लड़की
  • पिता से Y मिला → XY → लड़का

अतः संतान का लिंग पिता के गुणसूत्र पर निर्भर करता है, माता पर नहीं।

अभ्यास प्रश्न (Exercise Questions)

प्रश्न 5: एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross) को उदाहरण सहित समझाइए।

जब एक जोड़ी विपरीत लक्षणों वाले जनकों का संकरण किया जाता है।

उदाहरण: लंबा (TT) × बौना (tt)

F₁ पीढ़ी: सभी लंबे (Tt) — प्रभावी लक्षण व्यक्त

F₁ × F₁ (Tt × Tt):

  • TT (लंबा) : Tt (लंबा) : Tt (लंबा) : tt (बौना)
  • फीनोटाइप अनुपात: 3 लंबे : 1 बौना
  • जीनोटाइप अनुपात: 1 TT : 2 Tt : 1 tt
प्रश्न 6: समजात अंगों और समवृत्ति अंगों में अंतर बताइए। उदाहरण दीजिए।

समजात अंग (Homologous Organs):

  • मूल उत्पत्ति समान लेकिन कार्य भिन्न
  • उदाहरण: मनुष्य का हाथ, व्हेल का फ्लिपर, चमगादड़ का पंख — सभी में समान अस्थियाँ
  • अपसारी विकास (Divergent evolution) दर्शाते हैं → समान पूर्वज

समवृत्ति अंग (Analogous Organs):

  • मूल उत्पत्ति भिन्न लेकिन कार्य समान
  • उदाहरण: चमगादड़ का पंख (त्वचा) और पक्षी का पंख (पंख/feathers) — दोनों उड़ने के लिए
  • अभिसारी विकास (Convergent evolution) दर्शाते हैं → भिन्न पूर्वज
प्रश्न 7: उपार्जित और जन्मजात लक्षणों में क्या अंतर है? उदाहरण दीजिए।

उपार्जित लक्षण (Acquired Traits):

  • जीवनकाल में प्राप्त, DNA में परिवर्तन नहीं
  • वंशानुगत नहीं (अगली पीढ़ी में स्थानांतरित नहीं)
  • उदा: शारीरिक व्यायाम से बनी मांसपेशियाँ, किसी भाषा का ज्ञान, चूहे की कटी पूँछ

जन्मजात लक्षण (Inherited Traits):

  • जीन/DNA में कूटबद्ध (encoded)
  • वंशानुगत (अगली पीढ़ी में स्थानांतरित)
  • उदा: आँखों का रंग, रक्त समूह, कान की लौ (free/attached earlobes)
प्रश्न 8: क्या विकास (Evolution) को "प्रगति" (Progress) कहना उचित है?

नहीं, विकास को प्रगति कहना उचित नहीं है।

  • विकास = पर्यावरण के अनुसार अनुकूलन (adaptation), न कि सरल से जटिल की ओर एक दिशा
  • सरल जीव (बैक्टीरिया) भी अत्यंत सफलतापूर्वक जीवित हैं
  • "जटिल" का अर्थ "बेहतर" नहीं है
  • विकास की कोई निश्चित दिशा नहीं — यह पर्यावरण पर निर्भर करता है
प्रश्न 9: डार्विन के प्राकृतिक वरण (Natural Selection) सिद्धांत को समझाइए।

चार्ल्स डार्विन (1859) — "Origin of Species"

प्राकृतिक वरण के मुख्य बिंदु:

  • प्रत्येक प्रजाति में विभिन्नता (variation) पाई जाती है
  • संसाधन सीमित → जीवन संघर्ष (struggle for existence)
  • जो जीव पर्यावरण के अधिक अनुकूल होते हैं वे जीवित रहते हैं
  • ये "योग्यतम की उत्तरजीविता" — "Survival of the fittest"
  • अनुकूल लक्षण अगली पीढ़ी में जाते हैं → लंबे समय में नई प्रजातियाँ बनती हैं
प्रश्न 10: जीवाश्म (Fossils) क्या हैं? ये विकास के प्रमाण कैसे हैं?

जीवाश्म — प्राचीन जीवों के शरीर या उनकी छाप के संरक्षित अवशेष जो चट्टानों, बर्फ या एम्बर में पाए जाते हैं।

विकास के प्रमाण:

  • विभिन्न युगों की चट्टानों में मिले जीवाश्म विकास का क्रम दर्शाते हैं
  • पुरानी चट्टानों में सरल जीव, नई चट्टानों में जटिल जीव
  • संक्रमणकालीन जीवाश्म (Transitional fossils) — दो समूहों के बीच की कड़ी — जैसे: Archaeopteryx (सरीसृप और पक्षी दोनों के लक्षण)
  • कार्बन डेटिंग (Carbon dating) और परत विश्लेषण से आयु निर्धारण संभव

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बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. मेंडल के एकसंकर संकरण में F₂ पीढ़ी का फीनोटाइप अनुपात क्या है?
  • A) 1 : 1
  • B) 3 : 1
  • C) 9 : 3 : 3 : 1
  • D) 1 : 2 : 1
✅ सही उत्तर: B) 3 : 1 — एकसंकर संकरण में F₂ फीनोटाइप अनुपात 3 प्रभावी : 1 अप्रभावी होता है। (1:2:1 जीनोटाइप अनुपात है, 9:3:3:1 द्विसंकर का है)
2. मनुष्य में लिंग निर्धारण किस पर निर्भर करता है?
  • A) माता के गुणसूत्र पर
  • B) भोजन पर
  • C) पर्यावरण पर
  • D) पिता के गुणसूत्र पर
✅ सही उत्तर: D) पिता के गुणसूत्र पर — माता हमेशा X देती है। पिता X देता है तो लड़की (XX), Y देता है तो लड़का (XY)।
3. निम्नलिखित में से कौन-सा उपार्जित लक्षण (Acquired Trait) है?
  • A) आँखों का रंग
  • B) रक्त समूह
  • C) व्यायाम से बनी मांसपेशियाँ
  • D) कान की लौ का प्रकार
✅ सही उत्तर: C) व्यायाम से बनी मांसपेशियाँ — यह जीवनकाल में प्राप्त लक्षण है, DNA में परिवर्तन नहीं होता, इसलिए वंशानुगत नहीं है।
4. समजात अंगों (Homologous Organs) का सही उदाहरण कौन-सा है?
  • A) मनुष्य का हाथ और व्हेल का फ्लिपर
  • B) चमगादड़ का पंख और पक्षी का पंख
  • C) कीट का पंख और पक्षी का पंख
  • D) मछली का पंख और व्हेल का फ्लिपर
✅ सही उत्तर: A) मनुष्य का हाथ और व्हेल का फ्लिपर — दोनों में समान अस्थि संरचना (humerus, radius, ulna) लेकिन कार्य भिन्न। यह समान पूर्वज (common ancestor) का प्रमाण है।
5. "आनुवंशिकी के जनक" किसे कहा जाता है?
  • A) चार्ल्स डार्विन
  • B) लैमार्क
  • C) ग्रेगर जोहान मेंडल
  • D) वॉटसन और क्रिक
✅ सही उत्तर: C) ग्रेगर जोहान मेंडल — मेंडल ने मटर के पौधों पर प्रयोग करके आनुवंशिकता के नियम प्रतिपादित किए, इसलिए उन्हें "Father of Genetics" कहा जाता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

1. प्रभावी और अप्रभावी लक्षण क्या हैं? उदाहरण दीजिए।

प्रभावी लक्षण (Dominant Trait): वह लक्षण जो F₁ पीढ़ी (विषमयुग्मजी अवस्था Tt) में व्यक्त होता है।

उदा: मटर में लंबापन (T), गोल बीज (R), पीला बीज (Y)

अप्रभावी लक्षण (Recessive Trait): वह लक्षण जो F₁ में छिपा रहता है और F₂ में समयुग्मजी अवस्था (tt) में पुनः प्रकट होता है।

उदा: मटर में बौनापन (t), झुर्रीदार बीज (r), हरा बीज (y)

2. जीन (Gene) और एलील (Allele) में क्या अंतर है?

जीन (Gene): DNA का वह खंड जो किसी विशेष लक्षण को नियंत्रित करता है। जैसे: "ऊँचाई का जीन"

एलील (Allele / युग्मविकल्पी): एक ही जीन के वैकल्पिक रूप। प्रत्येक जीन के दो एलील होते हैं (एक माता से, एक पिता से)।

उदा: ऊँचाई के जीन के दो एलील — T (लंबा, प्रभावी) और t (बौना, अप्रभावी)

3. मानव विकास (Human Evolution) की संक्षिप्त रूपरेखा दीजिए।
  • सभी मनुष्य अफ्रीका (Africa) में उत्पन्न हुए
  • लगभग 1-2 लाख वर्ष पहले Homo sapiens का उद्भव
  • अफ्रीका से विश्व भर में प्रवसन (migration) — एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका
  • सभी मानव प्रजातियाँ (races) एक ही प्रजाति — Homo sapiens
  • त्वचा का रंग, शारीरिक बनावट = पर्यावरणीय अनुकूलन, मूलभूत अंतर नहीं

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)

1. मेंडल के एकसंकर और द्विसंकर संकरण के प्रयोग विस्तार से समझाइए।

एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross):

एक जोड़ी विपरीत लक्षणों का अध्ययन — लंबा (TT) × बौना (tt)

  • F₁ पीढ़ी: सभी लंबे (Tt) — केवल प्रभावी लक्षण
  • F₂ पीढ़ी (Tt × Tt): TT : Tt : tt = 1:2:1 (जीनोटाइप) = 3 लंबे : 1 बौना (फीनोटाइप)
  • निष्कर्ष: प्रभाविता का नियम, पृथक्करण का नियम

द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross):

दो जोड़ी विपरीत लक्षणों का अध्ययन — गोल पीले (RRYY) × झुर्रीदार हरे (rryy)

  • F₁ पीढ़ी: सभी गोल पीले (RrYy)
  • F₂ पीढ़ी: 16 संयोजन → 4 फीनोटाइप
  • गोल पीले : गोल हरे : झुर्रीदार पीले : झुर्रीदार हरे = 9 : 3 : 3 : 1
  • निष्कर्ष: स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम — दोनों लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत
2. जैव विकास (Evolution) क्या है? विकास के प्रमुख प्रमाण विस्तार से लिखिए।

जैव विकास: लंबे समय में जीवों में होने वाले क्रमिक परिवर्तन जिनसे नई प्रजातियाँ उत्पन्न होती हैं।

विकास के प्रमाण:

1. समजात अंग (Homologous Organs):

  • समान मूल उत्पत्ति, भिन्न कार्य
  • उदा: मनुष्य का हाथ, व्हेल का फ्लिपर, चमगादड़ का पंख → समान अस्थि संरचना
  • अपसारी विकास (Divergent evolution) → समान पूर्वज का प्रमाण

2. समवृत्ति अंग (Analogous Organs):

  • भिन्न उत्पत्ति, समान कार्य
  • उदा: चमगादड़ का पंख (त्वचा) और पक्षी का पंख (feathers)
  • अभिसारी विकास (Convergent evolution) → समान पर्यावरणीय दबाव

3. जीवाश्म (Fossils):

  • चट्टानों में प्राचीन जीवों के संरक्षित अवशेष
  • Archaeopteryx — सरीसृप + पक्षी दोनों के लक्षण (संक्रमणकालीन जीवाश्म)
  • कार्बन डेटिंग से आयु निर्धारण

4. DNA विश्लेषण: सभी जीवों की DNA संरचना समान → सभी एक समान पूर्वज से विकसित

5. भ्रूण विज्ञान (Embryology): विभिन्न कशेरुकियों के भ्रूण प्रारंभिक अवस्था में समान दिखते हैं

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